दुबई में नौकरी करनी है तो जानिए ये 5 बातें
दुबई में नौकरी – संयुक्त अरब
अमीरात यानी यूएई के देशों में
नौकरी गरीब और अनपढ़ लोगों के
लिए आज भी एक सपना है। दुबई,
आबूधबी जैसे जगहों पर उत्तर
भारतीय अपने खेत, खलिहान बेचकर
और जमापूंजी खर्च कर या बैंक से
ब्याज पर पैसे लेकर जाते हैं। खाड़ी
देश में खनिज तेल की वजह से
रिफाइनरियों सहित बड़े उद्योग
चल रहे हैं। यूरोप और अमरीका से
यहां इंजीनियर पहुंचते हैं तो भारत
जैसे देशों से अकुशल और तकनीकी
विशेषज्ञ। इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र
के यहां तेजी से डेवलप होने की वजह
से यूएई में बिजली, नल, भवन
निर्माण, टैक्सी चालक, रेस्त्रां व
रसोइएं, ड्राइवर, एकाउंटेेंट,
सेल्समैन, आईटी एक्सपर्ट आदि की
ज्यादा मांग है। मुस्लिम कारीगर
और हर प्रकार के मजदूरों की भी
ज्यादा डिमांड है।
दुबई में नौकरी के लिए योग्यता
दुबई में नौकरी के लिए जो न्यूनतम
शैक्षिक योग्यता मांगी जाती है
उसके मुताबिक आईटीआई संस्थान में
शीट मेटल, फिटर, इलेक्ट्रिशियन,
वैल्डर, मोटर वाहन मैकेनिक ट्रेड के
प्रशिक्षु होना वाहिए। इन्हें
अमूमन २०,000 रुपए मासिक सैलरी
और रहने की सुविधा के साथ-साथ
तीन समय का भोजन कंपनियां
मुहैया करवाती है।
यूएई में चाहिए नौकरी तो ये
दस्तावेज रखें तैयार
विदेश में नौकरी के लिए सबसे जरूरी
चीज है पासपोर्ट। इसके बाद
चाहिए वैलिड वीजा। शैक्षणिक
योग्यता प्रमाण पत्र, कार्य
अनुभव प्रमाण पत्र और कम से कम ४
पासपोर्ट साइज की फोटो। इसके
अलावा सरकारी
चिकित्साधिकारी द्वारा बनाया
गया मेडिकल सर्टिफिकेट भी मांगा
जाता है। इसमें आपको पूरी तरह
फिट होना चाहिए।
दुबई या विदेश जाने के लिए वीजा
जरूरी
किसी भी देश में जाने के लिए
पासपोर्ट के साथ-साथ वीजा
जरूरी होता है। वीजा घूमने, पढऩे,
इलाज कराने या नौकरी, व्यापार
करने के लिए मिलता है। पर्यटकों के
लिए कम से कम 14 दिन का
ट्रांजिट वीजा मिलता है। नौकरी
की तलाश में आने वालों को 2 महीने
का ‘विजिट वीजाÓमिलता है। 2
महीने में नौकरी नहीं मिलने पर या
कंपनी का वीजा स्टैंप न लगा होने
पर 1 महीने का वीजा बढ़वाया जा
सकता है। व्यापार के लिए ट्रांजिट
वीजा या विजिट वीजा पर आ सकते
हैं।
वीजा कहां से प्राप्त करें ?
मुंबई और दिल्ली की संबंधित देश के
दूतावास से आवेदन करके वीजा
हासिल किया जा सकता है। दुबई
जाने के लिए यूएई एंबेसी में
आवेदनपत्र देना होगा। एमिरेट्स
एअरलाइंस भी वीजा और एमिरेट्स
जहाज का टिकट मुहैया कराती है।
कागजात में राशनकार्ड,
फोटोग्राफ , बैंक अकाउंट स्टेटमेंट,
बिजली का बिल आदि की
फोटोकॉपी आदि मांगते हैं।
पांच देशों में सबसे ज्यादा एनआरआई
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के
अनुसार आज दुनियाभर के कम से कम
180 देशों में भारतीय काम कर रहे
हैं। इनमें पांच देश ऐसे हैं जिनमें
भारतीयों की तादाद सबसे अधिक
है। इनमें सऊदी अरब सबसे ऊपर है,
जहां 18 लाख भारतीय कार्यरत हैं।
अरब अमीरात में 15 लाख, अमरीका
में 9 लाख, ब्रिटेन में 7 लाख, कुवैत
में 5 लाख 80 हजार और ओमान में 5
लाख 50 हजार भारतीय हैं। 1960
में खाड़ी के देशों में जाने वालों का
प्रतिशत 4.61 था, जो अब बढ़कर
38.60 हो गया है। अमरीका में 6 से
14 प्रतिशत और यूरोप में यह 3.5 से
9.14 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में
मेरठ, आजमगढ़ और जौनपुर से सबसे
ज्यादा भारतीय श्रमिकों यहां
काम कर रहे हैं।
अमीरात यानी यूएई के देशों में
नौकरी गरीब और अनपढ़ लोगों के
लिए आज भी एक सपना है। दुबई,
आबूधबी जैसे जगहों पर उत्तर
भारतीय अपने खेत, खलिहान बेचकर
और जमापूंजी खर्च कर या बैंक से
ब्याज पर पैसे लेकर जाते हैं। खाड़ी
देश में खनिज तेल की वजह से
रिफाइनरियों सहित बड़े उद्योग
चल रहे हैं। यूरोप और अमरीका से
यहां इंजीनियर पहुंचते हैं तो भारत
जैसे देशों से अकुशल और तकनीकी
विशेषज्ञ। इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र
के यहां तेजी से डेवलप होने की वजह
से यूएई में बिजली, नल, भवन
निर्माण, टैक्सी चालक, रेस्त्रां व
रसोइएं, ड्राइवर, एकाउंटेेंट,
सेल्समैन, आईटी एक्सपर्ट आदि की
ज्यादा मांग है। मुस्लिम कारीगर
और हर प्रकार के मजदूरों की भी
ज्यादा डिमांड है।
दुबई में नौकरी के लिए योग्यता
दुबई में नौकरी के लिए जो न्यूनतम
शैक्षिक योग्यता मांगी जाती है
उसके मुताबिक आईटीआई संस्थान में
शीट मेटल, फिटर, इलेक्ट्रिशियन,
वैल्डर, मोटर वाहन मैकेनिक ट्रेड के
प्रशिक्षु होना वाहिए। इन्हें
अमूमन २०,000 रुपए मासिक सैलरी
और रहने की सुविधा के साथ-साथ
तीन समय का भोजन कंपनियां
मुहैया करवाती है।
यूएई में चाहिए नौकरी तो ये
दस्तावेज रखें तैयार
विदेश में नौकरी के लिए सबसे जरूरी
चीज है पासपोर्ट। इसके बाद
चाहिए वैलिड वीजा। शैक्षणिक
योग्यता प्रमाण पत्र, कार्य
अनुभव प्रमाण पत्र और कम से कम ४
पासपोर्ट साइज की फोटो। इसके
अलावा सरकारी
चिकित्साधिकारी द्वारा बनाया
गया मेडिकल सर्टिफिकेट भी मांगा
जाता है। इसमें आपको पूरी तरह
फिट होना चाहिए।
दुबई या विदेश जाने के लिए वीजा
जरूरी
किसी भी देश में जाने के लिए
पासपोर्ट के साथ-साथ वीजा
जरूरी होता है। वीजा घूमने, पढऩे,
इलाज कराने या नौकरी, व्यापार
करने के लिए मिलता है। पर्यटकों के
लिए कम से कम 14 दिन का
ट्रांजिट वीजा मिलता है। नौकरी
की तलाश में आने वालों को 2 महीने
का ‘विजिट वीजाÓमिलता है। 2
महीने में नौकरी नहीं मिलने पर या
कंपनी का वीजा स्टैंप न लगा होने
पर 1 महीने का वीजा बढ़वाया जा
सकता है। व्यापार के लिए ट्रांजिट
वीजा या विजिट वीजा पर आ सकते
हैं।
वीजा कहां से प्राप्त करें ?
मुंबई और दिल्ली की संबंधित देश के
दूतावास से आवेदन करके वीजा
हासिल किया जा सकता है। दुबई
जाने के लिए यूएई एंबेसी में
आवेदनपत्र देना होगा। एमिरेट्स
एअरलाइंस भी वीजा और एमिरेट्स
जहाज का टिकट मुहैया कराती है।
कागजात में राशनकार्ड,
फोटोग्राफ , बैंक अकाउंट स्टेटमेंट,
बिजली का बिल आदि की
फोटोकॉपी आदि मांगते हैं।
पांच देशों में सबसे ज्यादा एनआरआई
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के
अनुसार आज दुनियाभर के कम से कम
180 देशों में भारतीय काम कर रहे
हैं। इनमें पांच देश ऐसे हैं जिनमें
भारतीयों की तादाद सबसे अधिक
है। इनमें सऊदी अरब सबसे ऊपर है,
जहां 18 लाख भारतीय कार्यरत हैं।
अरब अमीरात में 15 लाख, अमरीका
में 9 लाख, ब्रिटेन में 7 लाख, कुवैत
में 5 लाख 80 हजार और ओमान में 5
लाख 50 हजार भारतीय हैं। 1960
में खाड़ी के देशों में जाने वालों का
प्रतिशत 4.61 था, जो अब बढ़कर
38.60 हो गया है। अमरीका में 6 से
14 प्रतिशत और यूरोप में यह 3.5 से
9.14 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में
मेरठ, आजमगढ़ और जौनपुर से सबसे
ज्यादा भारतीय श्रमिकों यहां
काम कर रहे हैं।
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