Father of learn..pita ke liye sikh..a motivat stori ..by maan singh
पढ़ाई पूरी करने के बाद एक छात्र किसी बड़ी कंपनी में नौकरी पाने की चाह में इंटरव्यू देने के लिए पहुंचा…. छात्र ने बड़ी आसानी से पहला इंटरव्यू पास कर लिया… अब फाइनल इंटरव्यू कंपनी के डायरेक्टर को लेना था… और डायरेक्टर को ही तय करना था कि उस छात्र को नौकरी पर रखा जाए या नहीं… डायरेक्टर ने छात्र का सीवी (curricular vitae) देखा और पाया कि पढ़ाई के साथ- साथ यह छात्र ईसी (extra curricular activities) में भी हमेशा अव्वल रहा… डायरेक्टर- “क्या तुम्हें पढ़ाई के दौरान कभी छात्रवृत्ति (scholarship) मिली…?” छात्र- “जी नहीं…” डायरेक्टर- “इसका मतलब स्कूल- कॉलेज की फीस तुम्हारे पिता अदा करते थे..” छात्र- “जी हाँ , श्रीमान ।” डायरेक्टर- “तुम्हारे पिताजी क्या काम करते है?” छात्र- “जी वो लोगों के कपड़े धोते हैं…” यह सुनकर कंपनी के डायरेक्टर ने कहा- “ज़रा अपने हाथ तो दिखाना…” छात्र के हाथ रेशम की तरह मुलायम और नाज़ुक थे… डायरेक्टर- “क्या तुमने कभी कपड़े धोने में अपने पिताजी की मदद की…?” छात्र- “जी नहीं, मेरे पिता हमेशा यही चाहते थे कि मैं पढ़ाई करूं और ज़्यादा से ज़्य...